Thought of the day

Thursday, 8 November 2007

रुद्राक्ष एक, लाभ अनेक

कभी कभी बहुत आम समस्याओं के हल बहुत आसानी से मिल जाते हैं। अभी तक मैंने जितनी भी चर्चा की वे समस्याओं को इंगित करती थी। अक्सर ज्योतिषी समस्याओं के समाधान की चर्चा करने से कतराते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका ज्ञान-भंडार चोरी न हो जाए, कोई दूसरा न ले जाए। खैर वह समस्या उनकी है वे जाने। हम चर्चा कर रहे थे समाधान की। यदि सर्व-सामान्य समस्याएँ देखें तो वे हैं –

* सदैव अनिश्चितता महसूस करना
* मन का बरबस उचाट हो जाना
* मानसिक दबाव (डिप्रेशन) का शिकार रहना
* एकाग्रता की कमी होना – बच्चे या बडे दोनों


इन समस्याओं में किसी से आपका कोई भी जानकार ग्रसित हो तो, इच्छा ईश्वर की, 5 मुखी रुद्राक्ष पहनने से लाभ होता है।


5 मुखी रुद्राक्ष सबसे आम, आसानी से मिलने वाला व सभी रुद्राक्षों में सबसे सस्ता है। कीमत किसी भी नग की गुणवत्ता का मापदण्ड नहीं है। यह जानकारी सिर्फ आपके लाभार्थ है।


धारण करने हेतु रुद्राक्ष को काले धागे मे पिरो लें या चाँदी की तार पिरो कर लॉकेट बनवा लें। सोने की तार में पिरोए जाने की सिफारिश नहीं है। इसे गले में अपने दिल के सामने लटकता हुआ पहनें। ध्यान रहे कि वह पहने वाले की त्वचा को जरूर छुए।


आशा करता हूँ कि यह जानकारी लाभकारी होगी। आने वाले दिनों में कुछ और उपायों की चर्चा करूँगा। आपके सुझाव व विचार सदा ही लाभकारी होते हैं। सहयोग देते रहें।
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7 comments:

  1. संजय भाई

    एक बार रुद्राक्ष थेरेपी पर सेमिनार अटेंड किया था. आज आपसे जानकारी मिलने पर उसकी याद हरी हो आई.

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  2. यह तो बडा ही सरल और अच्छा उपाय बताया आपने । धन्यवाद । आपका ब्लॉग तो बडा अच्छा है ।

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  3. Sanjay bohot hi asaan upaai bataya hai aapne..kya koi aur therapy bhi hai jisse depression aur ranj-o-gham duur hojaai...Looking forward for more of ur valuable articles n tips...apna khayaal rakhna.


    aarzoo.

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  4. अच्‍छा लगा,

    जानकरी भरा लेख आगे भी आपसे इस प्रकार की अपेक्षा है।
    http://mahashaktigroup.blogspot.com

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  5. चिट्ठा एक
    लाभ नेक
    देख मुसाफिर
    फिर फिर देख

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  6. जानकारी से भरपूर एक लेख. आभार -- शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.
    इस काम के लिये मेरा और आपका योगदान कितना है?

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  7. Dear Sanjay Jee,

    One of my well wishers suggested this to me 2 years back and i have felt the positive difference. This really works, is it any wrong if one wears a mala/Garland of Rudraksh( 5 mukhi).Your messages are quiet informative.

    Regards

    Deepak Seru

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Sanjay Gulati Musafir

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