Thought of the day

Tuesday, 11 December 2007

छोटी जीवन रेखा

क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं जो अपने हाथ को देखकर कहता हो “मैं बहुत कम उम्र में ही मर जाऊँगा”।

अगर उससे पूछें कि वह ऐसा क्यों कहता है, तो उत्तर होगा – “किसी ने हाथ देखकर बताया है” या “मैं जानता हूँ”। यही सामान्य उत्तर मिलते हैं। दरअसल वे यह बताने से कतराते हैं कि उन्होंने अपने हाथ में छोटी जीवन रेखा देखी है।

मगर, जब वह सोचता था कि वह मर चुक होगा, उसके भी दस साल बाद वह व्यक्ति आपको अगले पूरे सप्ताह की सब्जी खरीदता बाजार में मिल जाएगा।

यह सच है कि आयु का अनुमान जीवन रेखा से ही लगाते हैं पर वैसे नहीं जैसी की आम धारणा है।

(मेरी पुस्तक ‘टॉक टू यॉर लाइनज़ – पामिस्ट्री’ से उद्धृत व अनुवादित)
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Sanjay Gulati Musafir

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