Thought of the day

Monday, 17 December 2007

इश्क आसान नहीं बस इतना समझ लीजे...

अभी हाल ही में मेरी एक मित्र से मेरा पत्रचार हुआ। मैं हमेशा कहता हूँ, हर बात से कुछ सीखा जा सकता है। यहाँ मुझे मदद मिली कि मैं एक ज्योतिष का एक पक्ष अपने पाठकों के सामने रख सकूँ। हमारे बीच हुए पत्राचार का यह उद्धृत स्वरूप है। केवल लेखिका का नाम उनकी सुविधा को समझते हुए हटाया जा रहा है।


Sanjayji,
I read the article. I found it as a narration. If narrating was the only intention then its fine but how astrology affects the moods and thus the physique has not been dwelled into.

Psychosomatic illnesses are known since long. However, astrology as a science which could moderate the effects of moods on physique should be more interestingly dealt with.

Have a great day!
Regards
…….

मैंने उत्तर दिया...
Dear Dr....
... As far astro affect is concerned - any student of astrology will pick from the information provided within article.

In early days of my learning I always found that my Jyotish Guru telling stories & stories. But as I grew with knowledge I found those were not just stories - Those were serious teaching lessons!


Best regards
Sanjay Gulati "Musafir"

अपने अंतिम पत्र की पंक्तियाँ अनुवाद कर रहा हूँ –

जहाँ तक ज्योतिष का सवाल है – ज्योतिष जानने वाला व्यक्ति लेख में से सही जानकारी निकाल लेगा।

शुरूआती दिनों में मुझे लगता था कि मेरे ज्योतिष गुरू सिर्फ कहानियाँ ही सुनाते रहते हैं। धीरे-धीरे मैंने पाया कि वे महज कहानियाँ नहीं थीं – उनमें ज्योतिष के गूढ सबक छिपे थे।

तो ज्योतिष प्रेमियों से केवल वही कह सकता हूँ जो मेरे गुरू मुझसे कहते थे –

इश्क आसान नहीं बस इतना समझ लीजे...
इक आग का दरिया है और डूब कर जाना है...



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